बाघमारा (धनबाद)। इलाके में अपराधियों के हौसले थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुभम यादव हत्याकांड के कुछ ही दिनों बाद फिर एक बार दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है।
बरोरा थाना क्षेत्र के माथाबांध फुटबॉल ग्राउंड के समीप पुरानी रंजिश के चलते किराना दुकान से सामान लेने जा रहे युवक रविन्द्र चौहान पर चार बाइक सवार आधा दर्जन युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावरों ने लगभग 8 राउंड गोली चलाई। एक गोली पीड़ित के पैर को छूते हुए निकल गई। रविन्द्र चौहान बाल-बाल बच गया और भागकर जान बचाई।
घटना के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही बरोरा और बाघमारा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से तीन कारतूस के खोखे और एक बाइक जब्त कर ली है।
पीड़ित का बयान
रविन्द्र चौहान ने बताया कि वह घर से किराना दुकान सामान लेने जा रहा था। इसी दौरान माथाबांध फुटबॉल ग्राउंड के पास खड़े चार युवकों ने अचानक उस पर फायरिंग शुरू कर दी। पीड़ित ने कहा कि हरिणा में होली के समय उसके साथ मारपीट हुई थी, जिसकी एफआईआर बरोरा थाने में दर्ज की गई थी। उसी पुरानी रंजिश के चलते यह हमला किया गया। उसने कुछ हमलावरों को पहचान लिया है।
बाघमारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) प्रभारी डॉ. श्रीनाथ ने बताया कि घायल युवक को CSC लाया गया था। गोली लगने की बात कही गई है। फिलहाल घायल की स्थिति स्थिर और सामान्य है। प्राथमिक इलाज जारी है।
बरोरा थाना प्रभारी साधन कुमार ने बताया कि गोलीबारी की घटना हुई है। घायल को अस्पताल भेजा गया है। मौके से तीन खोखे और एक बाइक जब्त की गई है। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
बाघमारा में गोलीबारी की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है। कुछ दिन पहले शुभम यादव को उसके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, लेकिन पुलिस अभी तक हत्यारोपियों को पकड़ नहीं पाई है। ऐसे में अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि अगर पुलिस पहले दोषियों को गिरफ्तार कर लेती तो यह नई घटना शायद न होती।
धनबाद में अपराध का बढ़ता ग्राफ !
धनबाद (झारखंड का कोयला राजधानी) में अपराध की स्थिति दोहरी तस्वीर पेश करती है। आधिकारिक आंकड़ों में पुलिस प्रदर्शन अच्छा दिख रहा है, लेकिन मैदान में दिनदहाड़े गोलीबारी, पुरानी रंजिश और हथियारबंद हमले की घटनाएं आम लोगों में दहशत बढ़ा रही हैं।
2025 का आधिकारिक प्रदर्शन (पुलिस का दावा)
- पूरे वर्ष 6,415 मामले दर्ज किए गए।
- इनमें से 5,275 मामलों का निपटारा (disposal) किया गया — राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन।
- 1,799 अपराधियों को जेल भेजा गया।
- लंबित मामले घटकर 2,133 रह गए (SSP ने मार्च 2026 तक 1,500 से नीचे लाने का लक्ष्य रखा था)।
- फरवरी 2026 में धनबाद में कुल अपराध_ 369 मामले, जिसमें हत्या के 1 मामले दर्ज।
धनबाद पुलिस ने 2025 में अपराध नियंत्रण और केस डिस्पोजल में झारखंड में नंबर 1 स्थान हासिल किया। SSP प्रभात कुमार के नेतृत्व में सक्रिय अपराधियों पर निगरानी बढ़ाई गई — 950 अपराधी सख्त सर्विलांस में, 4000 की मॉनिटरिंग।
2026 की ग्राउंड रिपोर्ट_
पर हाल की घटनाएं आंकड़ों से अलग तस्वीर दिखाती हैं।
- बाघमारा-बरोरा क्षेत्र_ दिनदहाड़े गोलीबारी आम। हाल ही में रविन्द्र चौहान पर 8 राउंड फायरिंग (पुरानी रंजिश में), पीड़ित बाल-बाल बचा। घटनास्थल से 3 खोखे और बाइक बरामद।
- शुभम यादव हत्याकांड (अप्रैल 2026)_ मेयर के करीबी युवक को घर में घुसकर गोली मार दी गई। इलाज के दौरान मौत। पुलिस अभी तक मुख्य आरोपियों को पकड़ नहीं पाई। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है।
- अन्य घटनाएं_ कोयला कारोबारियों पर हमले, अवैध खनन से जुड़े विवाद, बाइक सवार युवकों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग। बाघमारा जैसे इलाकों में पुरानी रंजिश और गैंग वॉर का एंगल बार-बार सामने आ रहा है।
क्राइम ट्रेंड_
- हथियारबंद हमले और गोलीबारी में वृद्धि — खासकर बाघमारा, बोरोरा, माथाबांध जैसे क्षेत्रों में।
- पुरानी रंजिश (होली मारपीट, पुराने मुकदमे) को लेकर बदला लेने की घटनाएं।
- कोयला क्षेत्र से जुड़े अपराध (अवैध खनन, चोरी, सिंडिकेट) का बैकग्राउंड कई मामलों में दिखता है।
- साइबर अपराध भी बढ़ रहा है, पुलिस ने इसके लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू किया।
- महिलाओं और बच्चों पर अपराध_ झारखंड में दहेज संबंधी अपराध देश में सबसे ज्यादा, हालांकि धनबाद में कुल महिलाओं के खिलाफ अपराध में कुछ गिरावट के संकेत मिले हैं।
पुलिस की चुनौतियां_
कोयला अर्थव्यवस्था_ अवैध खनन, कोयला माफिया और सिंडिकेट अपराध को बढ़ावा देते हैं।
- राजनीतिक कनेक्शन_ कुछ घटनाओं (जैसे शुभम यादव) में राजनीतिक एंगल की चर्चा।
- पुलिस पर दबाव_ केस दर्ज तो होते हैं, लेकिन तेज गिरफ्तारी और दोषसिद्धि दर में कमी की शिकायत।
पुलिस की कार्रवाई_
- सक्रिय अपराधियों की लिस्ट तैयार, 24 घंटे निगरानी।
- केस डिस्पोजल में सुधार।
- लेकिन स्थानीय लोग कहते हैं — "गिरफ्तारी में देरी से अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है।"
बेशक 2025 में धनबाद पुलिस ने आंकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन 2026 की शुरुआत में दिनदहाड़े गोलीबारी और अनसुलझे हत्याकांड (जैसे शुभम यादव) ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाघमारा जैसे संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी, तेज जांच और राजनीतिक हस्तक्षेप मुक्त कार्रवाई की जरूरत है।
अगर अपराधियों पर सख्ती नहीं हुई तो "कोयला नगरी" की छवि फिर से "अपराध नगरी" की ओर मुड़ सकती है।
