TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 टूटे
अलग गुट बनाने की तैयारी?
नई दिल्ली/कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में भारी बगावत जारी है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब संसद में भी पार्टी टूटने की कगार पर पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, TMC के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 से अधिक सांसदों ने विद्रोह कर दिया है और वे अलग गुट बनाने की तैयारी में हैं।
बुधवार को मिली जानकारी के मुताबिक, बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है। वे दो-तिहाई बहुमत (करीब 18-19 सांसद) के साथ अलग संसदीय दल के रूप में मान्यता मांग रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि ये सांसद एनडीए को समर्थन देने पर भी विचार कर रहे हैं।
बगावत की पृष्ठभूमि
- TMC के लोकसभा में 28 सांसद हैं। अलग गुट बनाने के लिए दो-तिहाई यानी कम से कम 18-19 सांसदों का समर्थन जरूरी है।
- बागी सांसदों की संख्या 20 से ऊपर बताई जा रही है, जो स्पष्ट रूप से बहुमत से ज्यादा है।
- यह बगावत विधायकों की विद्रोह के बाद आई है। पहले TMC के 80 में से 58-60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया था।इन बागी विधायकों ने पार्टी से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना है।
ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन उसी दौरान सांसद गायब हो गए। केवल 3 सांसद ही बैठक में पहुंचे, जिससे पार्टी में एकता की कोशिश धरी की धरी रह गई।
क्या कह रहे हैं सूत्र?
- बागी सांसद बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव के घर पर बैठक कर चुके हैं।
- वे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपकर अलग ब्लॉक के रूप में मान्यता चाहते हैं।
- पार्टी का नाम, चिह्न और संसदीय स्थिति बरकरार रखने की कोशिश हो रही है।
यह TMC के 28 साल के इतिहास में सबसे बड़ी टूट मानी जा रही है। ममता बनर्जी फिलहाल दिल्ली में हैं और संकट को सुलझाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन बगावत इतनी गहरी है कि पार्टी की एकता पर सवालिया निशान लग गया है।
