स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: क्या सब पहले जैसा हो गया?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: क्या सब पहले जैसा हो गया?

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न्यूज़ स्टोरी_
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ‘पूरी तरह खुला’ — लेकिन क्या सब पहले जैसा हो गया? 

ईरान की घोषणा के पीछे अस्थायी राहत 
अमेरिकी ब्लॉकेड अभी भी बरकरार

नई दिल्ली/तेहरान/वॉशिंगटन । 'खुल गया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' ! ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आज एक्स X पर आधिकारिक घोषणा की कि लेबनान में अमेरिका-मध्यस्थ युद्धविराम लागू होने के बाद यह महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है — लेकिन केवल युद्धविराम की बची हुई अवधि तक।

अराघची ने लिखा_
“लेबनान में युद्धविराम के अनुरूप, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सभी वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग शेष युद्धविराम अवधि के लिए पूरी तरह खुला घोषित किया जाता है। जहाज पहले से घोषित समन्वित मार्ग (coordinated route) का ही उपयोग करेंगे।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया_
“ईरान ने अभी घोषणा की है कि होर्मुज पूरी तरह खुला और पूर्ण आवागमन के लिए तैयार है। थैंक यू!”

लेकिन क्या सबकुछ अब पहले की तरह हो जाएगा ?

नहीं !
यह घोषणा अस्थायी है। अमेरिका का नौसैनिक ब्लॉकेड ईरानी बंदरगाहों पर अभी भी पूरी तरह लागू है और तब तक रहेगा, जब तक ईरान के साथ स्थायी शांति समझौता नहीं हो जाता। ईरान ने स्पष्ट किया है कि जहाजों को उसके द्वारा निर्धारित मार्ग से ही गुजरना होगा, जो ईरानी क्षेत्रीय जल में से होकर जाता है।
 

फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुए संघर्ष के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों व टैंकरों की आवाजाही पर सख्ती बढ़ा दी थी। दुनिया का 20% तेल और LNG इसी संकरे रास्ते से गुजरता है।

पिछले हफ्तों में जहाजों की आवाजाही 95% तक घटी थी, जिससे वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू रही थीं। आज की घोषणा के बाद WTI क्रूड ऑयल 11% तक गिर गया है, जबकि स्टॉक मार्केट में तेजी आई है।

तेल बाजार को राहत मिली, लेकिन पूर्ण सामान्य स्थिति अभी भी दूर है।  

वैश्विक व्यापार जगत में सकारात्मक संदेश गया है। हजारों टैंकर अब बिना डर के गुजर सकेंगे — लेकिन केवल युद्धविराम खत्म होने तक।  

लेबनान युद्धविराम को ईरान ने शांति समझौते की अहम कड़ी बताया है। 
ट्रंप ने कहा है कि “ईरान ने वादा किया है कि वह फिर कभी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद नहीं करेगा”
जानकारों का मानना है कि यह डिप्लोमेटिक ब्रेकथ्रू है, लेकिन पूर्ण स्थिरता तभी आएगी जब ईरान और अमेरिका के बीच व्यापक शांति समझौता हो। फिलहाल यह 10 दिन की राहत है — लेबनान ceasefire की तरह। अगर बातचीत आगे बढ़ी तो स्थायी समाधान संभव, वरना पुरानी तनाव भरी स्थिति लौट सकती है।

अभी तक का हाल_
- लेबनान में ceasefire जारी, हजारों लोग घर लौट रहे हैं।  
- हॉर्मुज में पहले की तरह जहाजों की आवाजाही शुरू हो चुकी है।  
- बाजारों में सकारात्मक माहौल, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है।

यह घटनाक्रम न सिर्फ मध्य पूर्व, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। 

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