इसी साल जून के आखिर में बोकारो हवाई अड्डे से कमर्शियल उड़ान शुरू !

इसी साल जून के आखिर में बोकारो हवाई अड्डे से कमर्शियल उड़ान शुरू !

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बोकारो हवाई अड्डे से उड़ान सेवा शुरू करने की प्रक्रिया तेज 
30 मई तक सभी लंबित कार्य पूरे करने का लक्ष्य

बोकारो। बोकारो हवाई अड्डे से नियमित वाणिज्यिक उड़ान सेवा शुरू करने को लेकर जिला प्रशासन ने तेज गति से कार्यवाही शुरू कर दी है। राजनीतिक चर्चाओं के बीच प्रशासन ने एयरपोर्ट को चालू करने की तैयारी को और मजबूत कर दिया है।

इसी क्रम में बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AAI) और बोकारो स्टील लिमिटेड (BSL/सेल) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में बोकारो पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा भी मौजूद रहे।

बैठक के बाद AAI, BSL और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बोकारो हवाई अड्डे का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बोकारो स्टील लिमिटेड और डीजीसीए (DGCA) के बीच लंबित तकनीकी मुद्दों, समन्वय संबंधी कार्यों, सुरक्षा मानकों तथा आधारभूत संरचना पर गहन चर्चा की गई।
उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि राज्य सरकार के स्तर पर हवाई अड्डे से जुड़े लगभग सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। सतनपुर पहाड़ी पर लगने वाली महत्वपूर्ण लाइटें मंगाई जा चुकी हैं और जल्द ही उनका इंस्टॉलेशन कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड और सेल के बीच जो भी शेष कार्य बचे हैं, उनमें बेहतर समन्वय स्थापित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। वे इस काम को युद्ध स्तर पर तेजी से कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट लक्ष्य रखते हुए कहा कि 30 मई 2026 तक सभी लंबित कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। जून महीने में डीजीसीए के प्रस्तावित निरीक्षण के दौरान बोकारो स्टील लिमिटेड और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के बीच MOU (समझौता ज्ञापन) भी किया जाएगा, जिससे एयरड्रोम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया तेज हो सकेगी।
डीसी अजय नाथ झा ने यह भी जानकारी दी कि हवाई अड्डे के आसपास के सभी अवैध अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। मीट और मछली की दुकानों सहित अन्य अतिक्रमणों को पूरी तरह हटाया गया है, ताकि Bureau of Civil Aviation Security (BCAS) के सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। पुनः अतिक्रमण रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।

उपायुक्त ने बताया कि हवाई अड्डे से जुड़ी छोटी-छोटी तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी कमियों को लगभग दूर कर लिया गया है। AAI की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। कुछ महत्वपूर्ण कार्य 15 मई तक और शेष बचे छोटे-मोटे कार्य 30 मई तक पूरा कर लिए जाएंगे।

“एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड और सेल के बीच जो भी शेष कार्य हैं, उनमें समन्वय स्थापित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है और यह काम तेज़ी से किया जा रहा है। 30 मई तक सभी लंबित कार्य पूरे करने का लक्ष्य है।”
_अजय नाथ झा, डीसी, बोकारो
अजय नाथ झा ने आशा व्यक्त की कि जून में डीजीसीए के निरीक्षण के सफल समापन के बाद बोकारो हवाई अड्डे को एयरड्रोम लाइसेंस मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद बोकारो से नियमित उड़ान सेवाएं शुरू हो सकेंगी, जो क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान करेगी।

बोकारो हवाई अड्डे से उड़ान सेवा अब जल्द शुरू होने की पूरी कहानी।
बोकारो स्टील सिटी का हवाई अड्डा (Bokaro Airport / VEBK) पिछले आठ साल से विकास के बयानों, शिलान्यास और टारगेट्स के बीच लगातार फंसा हुआ रहा है। अप्रैल 2026 में जिला प्रशासन ने प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश तेज कर दी है, लेकिन अभी भी DGCA लाइसेंस नहीं मिला है। वाणिज्यिक उड़ानें शुरू होने की उम्मीद जगी है, पर ठोस तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

इतिहास और निर्माण
बोकारो एयरपोर्ट का निर्माण 1960 के दशक के अंत में बोकारो स्टील लिमिटेड (BSL / SAIL) द्वारा मुख्य रूप से अपने अधिकारियों, VIP मूवमेंट और नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट्स के लिए कराया गया था।
यह लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके रनवे की लंबाई 1,650 मीटर है, जिसपर ATR-72 प्रकार के छोटे विमान ही उतर सकते हैं। हाल ही में लाइसेंस को 3C से 4C में अपग्रेड किया गया है, जिससे Airbus A321 या Boeing 737 जैसी बड़ी एयरक्राफ्ट भी संचालित हो सकेंगी।
हालांकि यह लंबे समय तक केवल SAIL के निजी उपयोग तक ही सीमित रहा।

वाणिज्यिक उड़ान का सपना
25 अगस्त 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने एयरपोर्ट के विकास कार्य का शिलान्यास किया था।
उसी वर्ष BSL और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के बीच MoU साइन हुआ।
यह प्रोजेक्ट UDAN (Ude Desh Ka Aam Nagrik) स्कीम के तहत लिया गया, जिसके अंतर्गत बोकारो को कोलकाता, पटना और अन्य आस-पास के शहरों से जोड़ने की योजना बनी।
केंद्र सरकार ने विकास के लिए ₹80.03 करोड़ मंजूर किए, जिनमें से ₹78.50 करोड़ खर्च हो चुके हैं।

बार-बार टारगेट और निरंतर देरी
2018 के बाद कई बार उड़ान शुरू करने की घोषणाएं हुईं, लेकिन हर बार टारगेट मिस हुआ।
जून 2023, फिर फरवरी 2024, बाद में
नवंबर 2025 और अब..2026 !

कारण क्या रहे ?
BCAS (Bureau of Civil Aviation Security) की सुरक्षा शर्तें पूरी न होना (सुरक्षा हट्स, फायर फाइटिंग, एम्बुलेंस आदि)।
एयरपोर्ट के आसपास अवैध अतिक्रमण (मीट-मछली की दुकानें, झाड़ियां, पेड़)।

तकनीकी मुद्दे - सातनपुर पहाड़ी पर ऑब्स्ट्रक्शन लाइट्स का इंस्टॉलेशन।
BSL, AAI, राज्य सरकार और DGCA के बीच समन्वय की कमी।
पर्यावरणीय और अन्य क्लियरेंस में देरी।

इन देरियों से स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ा। कई बार प्रदर्शन हुए, सांसद-विधायकों पर आरोप-प्रत्यारोप लगा और यह मुद्दा सियासी घमासान का केंद्र बन गया। जनता ने पीएम मोदी को पत्र भी लिखे।

2025-2026 - प्रशासन की तेज कवायद
नवंबर 2025 : डीसी अजय नाथ झा ने “वार फुटिंग” (युद्ध स्तर) पर काम करने की बात कही।
अप्रैल 2026 : AAI टीम ने 48 घंटे का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम ने इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, इमरजेंसी सिस्टम, कम्युनिकेशन और पर्यावरणीय स्थिति की समीक्षा की।
महत्वपूर्ण बैठक : डीसी अजय नाथ झा ने AAI और BSL अधिकारियों के साथ बैठक की। बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद संयुक्त टीम ने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया।
अतिरिक्त कलेक्टर मुमताज अंसारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।
राज्य सरकार के स्तर पर लगभग सभी काम पूरे हुए।
सातनपुर पहाड़ी पर लाइटें मंगाई जा चुकी हैं, जल्द इंस्टॉलेशन का काम पूरे होंगे।
सभी अवैध अतिक्रमण हटा दिए गए (मीट-मछली की दुकानें भी)।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

डीसी अजय नाथ झा का बयान
- 30 मई 2026 तक सभी लंबित कार्य पूरे करने का लक्ष्य।
- जून 2026 में DGCA निरीक्षण के दौरान BSL और AAI के बीच MOU साइन होगा।
- छोटे कार्य 15 तारीख तक और बाकी 30 मई तक पूरे होंगे।
- उम्मीद है कि जून के DGCA निरीक्षण के बाद लाइसेंस मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

वर्तमान स्थिति
एयरपोर्ट भौतिक रूप से लगभग तैयार है। BCAS की अधिकांश शर्तें पूरी हो चुकी हैं। DGCA लाइसेंस की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।  
एक बार लाइसेंस मिलने के बाद UDAN स्कीम के तहत ATR-72 या समकक्ष विमानों से कोलकाता, पटना और अन्य शहरों के लिए उड़ानें शुरू हो सकेंगी।

आनेवाले दिनों में हवाई अड्डा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और रोजगार के लिए बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। लेकिन पिछले 8 साल में समन्वय की कमी और ब्यूरोक्रेटिक देरी ने इसे बार-बार पीछे धकेला है। हालांकि अब डीसी अजय नाथ झा के नेतृत्व में दिखाई गई तेजी से स्थानीय लोगों को नई उम्मीद जगी है।

फिर भी लोगों के जेहन में यह सवाल अब भी है कि 30 मई 2026 का लक्ष्य पूरा होगा या नहीं, और जून में DGCA निरीक्षण के बाद आखिरकार बोकारो से पहली वाणिज्यिक उड़ान कब होगी ?

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