नारी शक्ति वंदन को ले राहुल गांधी का पुतला फूंका

नारी शक्ति वंदन को ले राहुल गांधी का पुतला फूंका

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ले राहुल गांधी का पुतला दहन
महुआडांड़ (लातेहार)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच महुआडांड़ क्षेत्र में स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

प्रदर्शन में शामिल लोगों का आरोप था कि कांग्रेस पार्टी ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण से जुड़े इस ऐतिहासिक अधिनियम का पर्याप्त समर्थन नहीं किया, जिससे विशेषकर महिलाओं और आम जनता में गुस्सा है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक खेल नहीं होना चाहिए। सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर महिलाओं को उनके हक दिलाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संविधान का 106वां संशोधन) 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था, जिसमें लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए लगभग 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। यह आरक्षण अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आरक्षित सीटों पर भी लागू होगा। हालांकि, इसका पूर्ण क्रियान्वयन जनगणना और उसके बाद परिसीमन (delimitation) के बाद ही संभव है। हाल के दिनों में इसकी समयसीमा और लागू करने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
प्रदर्शन के दौरान मंडल अध्यक्ष प्रशांत सिंह, अमित जाजवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, सुनील जायसवाल, दिलीप प्रसाद, संजय राय, विश्वनाथ राम, रोहित सिंह, विनोद कुमार सिंह, राजेंद्र सोनी, कृष्णा लोहारा सहित कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

उपस्थित नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को उनके राजनीतिक अधिकार दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसका विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है। कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और सरकार से मांग की कि अधिनियम को जल्द से जल्द प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके।

पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनी रही और यह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस घटना के बाद महुआडांड़ क्षेत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिलाओं के आरक्षण को लेकर चर्चाओं का सिलसिला जारी है।

यह विरोध प्रदर्शन महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच चल रही बहस को स्थानीय स्तर पर भी दिखाता है, जहां कई जगहों पर भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस पर अधिनियम को लेकर पर्याप्त समर्थन न देने का आरोप लगा रहे हैं।

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