नाबालिग समेत कई लोगों को पीटने का मामला
कोडरमा। डोमचांच थाना इन दिनों पुलिसिया बर्बरता के आरोपों से सुर्खियों में है। थाना प्रभारी अभिमन्यु परिहारी पर फरियादियों और आरोपियों के साथ मारपीट करने, लाठी-डंडे चलाने और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं।
पीड़ित रोहित कुमार सोनकर ने बताया कि कोर्ट में एक पुराने मामले में समय पर पेश न होने के कारण उनकी जमानत रद्द हो गई थी। पुलिस ने उन्हें कोर्ट परिसर से गिरफ्तार किया, लेकिन थाने के कागजों में गिरफ्तारी डोमचांच थाना क्षेत्र से दिखाई गई।
रोहित का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद प्रभारी अभिमन्यु ने उन पर बेरहमी से लाठियां बरसाईं। उनके शरीर पर मौजूद चोट के निशान इसकी पुष्टि करते हैं। रोहित ने इस घटना की लिखित शिकायत कोडरमा के पुलिस अधीक्षक (SP) कुमार शिवाशीष को सौंपी है।
वहीं एक और मामले में
बीते 17 मई को डोमचांच थाना क्षेत्र में दो वाहनों के बीच मामूली टक्कर हो गई थी। विवाद को शांत करने के बजाय पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। आरोप है कि थाना प्रभारी अभिमन्यु ने वहां दोनों पक्षों की जमकर पिटाई की।
इस बर्बरता का शिकार एक 14-15 वर्षीय नाबालिग भी हुआ, जिसके शरीर पर चोट के निशान स्पष्ट दिख रहे हैं। घटना के बाद हर्ष शर्मा और अनिल मेहता को जेल भेज दिया गया।
जब डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु परिहारी से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने सभी आरोपों से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा,
“थाने में किसी के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है। यह मेरी छवि खराब करने और मुझे बदनाम करने की सोची-समझी साजिश है।”
वहीं मामले पर SP का आश्वासन सामने आया है। कोडरमा के पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने कहा,
“इस घटना को लेकर लिखित शिकायत मिलने पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।”
भारतीय संविधान और डी.के. बासु गाइडलाइंस के अनुसार, हिरासत में किसी भी व्यक्ति के साथ शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना गैर-कानूनी है। उल्लंघन पर संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान है।
पीड़ितों ने न्याय की गुहार लगाते हुए SP स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच का इंतजार है।
