आउटसोर्सिंग कंपनी का काम रैयत विस्थापित मोर्चा ने कराया बंद
रामगढ़। बरका सयाल क्षेत्र अंतर्गत भुरकुंडा कोलियरी माइन्स के संगम खदान में सीसीएल प्रबंधन व आर ए माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा कल विधि-विधान से काम शुरू किए जाने के बावजूद आज रैयत विस्थापित मोर्चा ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विस्थापितों ने डुगडुगी बजाते हुए खदान पहुंचकर पूरे काम को बंद करा दिया।
विस्थापित मोर्चा के कार्यकर्ता झारखंड मुक्ति मोर्चा के बैनर तले भारी संख्या में इकट्ठा हुए। उन्होंने आर ए माइनिंग कंपनी पर विस्थापितों को दरकिनार करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीसीएल प्रबंधन ने उनसे कोई बातचीत किए बिना, बिना सूचना दिए और उनकी मांगों को नजरअंदाज कर खदान खोल दी।
“हम लोगों से बिना चर्चा किए खदान शुरू कर दी गई। नौकरी, मुआवजा और उचित पुनर्वास की हमारी जायज मांगों को मान लिया जाए, तब तक खदान नहीं चलने देंगे।”
_ रणजीत बेसरा, विस्थापित नेता
विस्थापित महिलाओं ने भी प्रदर्शन में सक्रिय भाग लिया। एक विस्थापित महिला ने कहा कि उनके परिवारों की आजीविका और भविष्य दोनों दांव पर लगे हैं, इसलिए वे अपने अधिकार के लिए उग्र आंदोलन करने को मजबूर हैं।
विस्थापित मोर्चा का साफ संदेश है कि जब तक उनकी मांगें—नौकरी, उचित मुआवजा और पुनर्वास—मान नहीं ली जाती और प्रबंधन के साथ लिखित वार्ता नहीं हो जाती, तब तक खदान का काम नहीं होने दिया जाएगा।
वर्तमान में सीसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी विस्थापितों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
