KUKU FM और Paytm के नाम पर ठगी कर रहे 3 साइबर अपराधी धरे गए!

KUKU FM और Paytm के नाम पर ठगी कर रहे 3 साइबर अपराधी धरे गए!

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जामताड़ा साइबर अपराधियों पर शिकंजा 
कुकू एफएम और पेटीएम के नाम पर ठगी
जामताड़ा। जिले की साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर कुकू एफएम और पेटीएम कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।

शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी शम्भु कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस की विशेष टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सहजपुर गांव के पास पीपल पेड़ के निकट कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी सक्रिय रूप से साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे।

गिरफ्तार आरोपी के नाम_
- गुलाम अंसारी
- सबीर अंसारी
- कलाम अंसारी

पुलिस ने इनके कब्जे से 8 मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड और 19 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

एसपी शम्भु कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी KUKU FM ऐप और Paytm कस्टमर केयर अधिकारी का रूप धरकर लोगों को फिशिंग कॉल करते थे। वे बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ऑनलाइन ठगी करते थे।

मामले में साइबर थाना कांड संख्या 24/26 दर्ज किया गया है। पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह काफी सक्रिय था और इसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। आगे की छानबीन जारी है।
“साइबर अपराधियों के खिलाफ हमारी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जनता से अपील है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत साइबर थाने को सूचित करें और अपने बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें।”
_शम्भु कुमार सिंह, एसपी, जामताड़ा 

जामताड़ा जिला लंबे समय से साइबर अपराध का गढ़ माना जाता रहा है। हालिया छापेमारी को पुलिस की सतर्कता और सक्रियता का नतीजा माना जा रहा है।

झारखंड साइबर अपराध आंकड़े
NCRB रिपोर्ट के अनुसार साइबर अपराध मामले (Registered Cases):
- 2022: 967 मामले
- 2023: 1,079 मामले
- 2024: 1,423 मामले

आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्षों की तुलना में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़  रही हैं। हालांकि झारखंड का साइबर अपराध दर (Crime Rate) 3.5 है, जो राष्ट्रीय औसत 7.3 से काफी कम है।

मामले में गिरफ्तारियां (Arrests)
- 2024: 971 साइबर अपराधी गिरफ्तार, ₹8.17 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त।
- 2025 (जनवरी-नवंबर तक): 1,200+ गिरफ्तारियां (कुल 3 वर्षों में 2,100+)।
- नवंबर 2023 से अब तक: 1,976+ गिरफ्तारियां, 3,610 मोबाइल फोन और 4,924 सिम कार्ड जब्त।

अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े
- 2025 (जनवरी-जून): डायल-1930 पर 11,910 शिकायतें दर्ज (औसतन रोजाना ~69 शिकायतें)।
- झारखंड के जामताड़ा, देवघर, रांची, धनबाद आदि जिले साइबर फ्रॉड के हॉटस्पॉट बने हुए हैं। देवघर देश के प्रमुख साइबर फ्रॉड हॉटस्पॉट्स में तीसरे स्थान पर है।

साइबर अपराधी अपने काम को कैसे अंजाम देते हैं ?
- KUKU FM, Paytm, बैंक कस्टमर केयर, OTP फिशिंग, APK फाइल के जरिए रिमोट एक्सेस
- निवेश घोटाला (Investment Scams)
- डिजिटल अरेस्ट, जॉब/ट्रेडिंग ऐप फ्रॉड
- क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी योजना फ्रॉड

हालांकि झारखंड पुलिस ने 14 जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए हैं और Pratibimb App के जरिए सक्रिय निगरानी कर रही है। जामताड़ा क्षेत्र लंबे समय से साइबर अपराध का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई तेज हुई है।

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