जमीनी विवाद में 'शक' ने दोस्त की ली जान !

जमीनी विवाद में 'शक' ने दोस्त की ली जान !

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पलामू में दोस्ती का खून, जमीन नापी के शक में की हत्या !
एक शक, एक कुल्हाड़ी और टूटा रिश्ता: पलामू हत्याकांड
पलामू । जमीन मापी को लेकर पैदा हुए महज एक शक ने दोस्ती को खूनी रंजिश में बदल दिया। मामला, पिपराटांड़ थाना के करमा गांव का है जहां 29 अप्रैल को 60 वर्षीय वृद्धा राजमनी पाठक की निर्मम हत्या कर दी गई थी। अब पुलिस का दावा है कि उन्होंने मामले को सुलझा लिया है।

पलामू एसपी ने आज प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतका राजमनी पाठक की हत्या उनके ही करीबी दोस्त बीरेन्द्र कुमार सिंह उर्फ गुड्डू सिंह ने की। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
“हमने बेहद गंभीरता से इस मामले की जांच की। महज एक शक पर व्यक्ति इतना क्रूर कृत्य कर सकता है, यह सोचकर हैरानी होती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपराधी जल्द गिरफ्तार हो सका और साक्ष्य भी बरामद हुए हैं। हम इलाके में शांति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी रख रहे हैं।”
_कपिल चौधरी, एसपी, पलामू

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बीरेन्द्र सिंह को राजमनी पाठक पर जमीन नापी को लेकर शक हो गया था। इसी शक के चलते आरोपी ने कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी हत्या कर दी। एसपी ने कहा कि एक छोटे से शक ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। दोस्ती की आड़ में की गई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।

मृतक की पत्नी पूनम देवी के शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज किया गया और विशेष जांच टीम गठित की गई। एसडीपीओ मनोज कुमार झा और थाना प्रभारी निलेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने तेजी से छानबीन की। आरोपी बीरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद कर लिए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जमीन विवाद पर आंकड़े क्या कहते हैं_

राष्ट्रीय स्तर पर
NCRB रिपोर्ट्स के अनुसार 'Disputes' (विवाद) हत्याओं का प्रमुख कारणों में से एक है।  
- 2024 में देश में कुल 27,049 हत्या के मामले दर्ज हुए (2.4% की कमी)। Disputes हत्याओं में मेन मोटिव रहा।  
- पिछले वर्षों में भी 'Disputes' के तहत हजारों मामले दर्ज हुए, जिनमें जमीन-संपत्ति विवाद बड़ा हिस्सा रखते हैं।

झारखंड स्तर पर
झारखंड में हत्या की दर देश में सबसे ऊंची रही है।
- 2024 में 1,472 हत्या के मामले (मर्डर रेट 3.7 प्रति लाख जनसंख्या)। Gain (बढ़ोतरी) मेन मोटिव (720 मामले), Disputes में 225 हत्याएं।  
- 2022 में 1,550 हत्या के मामले। इनमें 185 जमीन विवाद से जुड़े।  
- 2023 में पुलिस ने 3,213 जमीन माफियाओं को चिह्नित किया (सबसे ज्यादा हजारीबाग रेंज में)।

रांची में पुरानी रिपोर्ट्स के अनुसार हर चौथी हत्या के पीछे जमीन विवाद था।

पलामू जिला (झारखंड) में
- 2023-2024 में पलामू में कुल 237 हत्याएं हुईं।  
- इनमें 40% से ज्यादा मामले जमीन विवाद से जुड़े थे।  
- हालिया घटनाएं: कई हत्याएं जमीन नापी, हिस्सेदारी, कब्जे या रास्ते को लेकर हुईं। पुलिस ने जमीन विवाद से जुड़े शूटरों/अपराधियों की गिरफ्तारी तेज की है।

पुलिस की कार्रवाई
- झारखंड पुलिस ने जमीन माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है।  
- पलामू पुलिस: 2025 में 94 अपराधियों को गिरफ्तार किया (जमीन विवाद से जुड़े)। हालिया सप्ताहों में भी कई गिरफ्तारियां।  
- जिला स्तर पर विशेष टीमों के जरिए विवादों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई।

ये आंकड़े दिखाते हैं कि जमीन विवाद न केवल कानूनी लड़ाई बल्कि हिंसा का बड़ा कारण बन गया है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।

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