प्रगणक जाएंगे घर-घर
गिरिडीह। लंबे अंतराल के बाद भारत सरकार विकास योजनाओं और नीति-निर्धारण के लिए पूर्ण डिजिटल जनगणना शुरू करने जा रही है। गिरिडीह जिले में इसकी शुरुआत 16 मई से होगी।
जिला प्रशासन ने गुरुवार को प्रेसवार्ता कर डिजिटल जनगणना की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। प्रेसवार्ता में डीडीसी स्मिता कुमारी, एडिशनल कलेक्टर विजय सिंह विरुआ, एनडीसी आशुतोष ठाकुर और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती मौजूद रहीं।
दो चरणों में होगी जनगणना
पहला चरण (स्व-जनगणना - Self Enumeration)_
16 मई से 14 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान हर परिवार को अपनी जानकारी www.se.census.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करनी होगी।
पोर्टल 1 मई से खुल जाएगा और लोग 15 मई तक भी जानकारी भर सकेंगे।
इस चरण में पूछे जाने वाले प्रमुख प्रश्न-
- परिवार के मुखिया का नाम
- परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या
- उपलब्ध कमरों की संख्या
- पेयजल का स्रोत
- परिवार के पास गाड़ियों की संख्या और उनके प्रकार
- भोजन बनाने का ईंधन/स्रोत
- अन्य जरूरी जानकारियां
दूसरा चरण (डोर-टू-डोर गणना)_
स्व-जनगणना के बाद भारत सरकार के प्रशिक्षित प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे और फॉर्म भरेंगे।
प्रशासनिक तैयारियां
- जिले में 802 सुपरवाइजर और 4,699 प्रगणक नियुक्त किए गए हैं।
- कुल 16 चार्ज बनाए गए हैं, जिनमें 13 चार्ज शहरी क्षेत्रों (गिरिडीह नगर निगम सहित), 1 चार्ज बड़की सरिया और 1 चार्ज धनवार में कार्य करेंगे।
- नगर निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी उप नगर आयुक्त और उनके अधीनस्थ अधिकारियों पर होगी, जबकि प्रखंड स्तर पर बीडीओ जिम्मेदार होंगे।
जरूरी बातें
- बंद घरों की भी गणना की जाएगी और उन्हें नंबरिंग भी दी जाएगी।
- यदि एक मकान में छह किरायेदार अलग-अलग परिवार के रूप में रह रहे हैं, तो मकान की गिनती एक ही रहेगी, लेकिन छह अलग-अलग परिवारों की गणना अलग-अलग की जाएगी।
डीडीसी स्मिता कुमारी ने अपील की कि जिले के सभी नागरिक स्व-जनगणना पोर्टल पर समय पर सही जानकारी अपलोड करें, ताकि विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।
यह जनगणना देश के भविष्य की योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
