वाशिंगटन/तेहरान, 7 अप्रैल 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने की समय सीमा आज शाम 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) खत्म हो रही है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने यह डेडलाइन पूरी नहीं की, तो अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों समेत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर भारी हमले कर सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि "पूरे ईरान को एक ही रात में हराया जा सकता है और वो रात शायद आज (मंगलवार) भी हो सकती है।"
ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि यह एक "नाजुक दौर" है और सब कुछ ईरान की कार्रवाई पर निर्भर करता है। उन्होंने दोहराया कि अगर हमलों से अंततः ईरानी जनता को स्वतंत्रता मिले, तो वे "कष्ट सहने को तैयार" हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान के सभी पुल और बिजली संयंत्र मंगलवार आधी रात तक नष्ट किए जा सकते हैं। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में गाली-गलौज भरे शब्दों में भी ईरान को चेतावनी दी थी।
वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने 45 दिनों के युद्धविराम के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से तैयार प्रस्ताव को "महत्वपूर्ण कदम" करार दिया, लेकिन साथ ही कहा कि यह "पर्याप्त नहीं" है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने, प्रतिबंध हटाने तथा होर्मुज पर नियंत्रण की गारंटी की मांग की है। ईरान ने चेतावनी दी कि बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले के परिणाम पूरे मध्य-पूर्व देशों से आगे तक फैल सकते हैं।
यह तनाव अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच एक महीने से ज्यादा चले युद्ध की पृष्ठभूमि में आया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके कारण तेल की कीमतों में तेजी आई है और वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की नौसेना, मिसाइल क्षमता और हवाई रक्षा को पहले ही काफी कमजोर कर चुका है। उन्होंने मंगलवार शाम तक की डेडलाइन को "अंतिम" बताया और कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो "नरक" बरपाएगा।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नागरिक बुनियादी ढांचे (पुल और बिजली संयंत्र) पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माने जा सकते हैं। ईरान ने कहा कि ऐसे हमलों का जवाब दिया जाएगा और इसके प्रभाव क्षेत्र से परे होंगे।
वर्तमान में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है। दुनिया की नजरें मंगलवार शाम 8 बजे (वाशिंगटन टाइम) पर टिकी हैं, जब ट्रंप की निर्धारित समय सीमा समाप्त होगी। कूटनीतिक प्रयास अभी भी जारी हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच गहरी असहमति बनी हुई है।
यह घटनाक्रम वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासकर तेल बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रहा है। आगे की स्थिति ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिका के अगले कदम पर निर्भर करेगी।
