नई दिल्ली । पिछले सत्र की कमजोर क्लोजिंग के बाद शुक्रवार को भारतीय इक्विटी बाजार में तेजी का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। भू-राजनीतिक तनावों में कमी के सकारात्मक संकेतों और ग्लोबल बाजारों से मिले सपोर्ट की वजह से बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ।
कारोबारी सत्र के अंत में बीएसई सेंसेक्स 918.60 अंक या 1.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,550.25 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 275.50 अंक या 1.16 प्रतिशत ऊपर चढ़कर 24,050.60 पर बंद हुआ। निफ्टी ने इंट्राडे में 24,074.05 के उच्च स्तर को छुआ।
सेक्टर और स्टॉक का प्रदर्शन
बाजार में IT सेक्टर को छोड़कर सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी देखी गई। ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, पावर, FMCG, PSU बैंक, मेटल और प्राइवेट बैंक सेक्टरों में 1-2 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। वहीं, IT इंडेक्स में 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई।
निफ्टी में टॉप गेनर्स में एशियन पेंट्स, आयशर मोटर्स, ICICI बैंक, बजाज ऑटो और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे।
दूसरी ओर, नुकसान उठाने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, सन फार्मा, Infosys, TCS और Tech Mahindra रहे। मजबूत बाजार में भी कोल इंडिया का शेयर करीब 5 प्रतिशत टूटा।
ब्रॉडर मार्केट ने भी बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
साप्ताहिक प्रदर्शन
साप्ताहिक आधार पर यह हफ्ता भारतीय बाजार के लिए बेहद शानदार रहा। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यह फरवरी 2021 के बाद का सबसे बेहतरीन साप्ताहिक प्रदर्शन है। साथ ही, पिछले छह सप्ताह से चल रही गिरावट का सिलसिला भी टूट गया।
Vl Line एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?
बाजार की वर्तमान स्थिति, तकनीकी संकेतों और मैक्रो फैक्टर्स को ध्यान में रखें तो कुल मिलाकर बाजार का मूड निफ्टी में शॉर्ट टर्म बुलिश (तेजी) का माहौल बन चुका है। पिछले सत्र की कमजोर क्लोजिंग के बाद 10 अप्रैल को 24,050.60 पर मजबूत क्लोजिंग के साथ 24,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर सफलतापूर्वक पार हो गया। यह बुल्स के लिए महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक जीत है। बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अब पॉजिटिव दिख रहा है, जिसमें शॉर्ट-कवरिंग, डिप्स पर खरीदारी और मोमेंटम शिफ्ट तीनों मुख्य ड्राइवर्स हैं।
तकनीकी संकेतों का आकलन करने पर
सपोर्ट लेवल 23,800 है। इसे 23,800-23,900 के दायरे में रखा जा सकता है। यह स्तर टूटने पर ही तेज गिरावट की संभावना बनेगी। वर्तमान स्थिति में यह सपोर्ट काफी मजबूत लग रहा है क्योंकि बाजार गिरावट पर सक्रिय खरीदारी दिखा रहा है।
- रेजिस्टेंस लेवल: 24,100-24,500 (पहला रेजिस्टेंस)
सुझाव: निफ्टी अभी 24,100-24,200 के आसपास रेजिस्टेंस जोन के नजदीक पहुंच रहा है। अगर यह जोन निर्णायक रूप से (कन्विंसिंग क्लोजिंग के साथ) पार हो जाता है, तो 24,300-24,500 तक की शॉर्ट-कवरिंग रैली आसानी से संभव है। यह ब्रेकआउट शॉर्ट टर्म में और तेजी ला सकता है।
- इंडिकेटर्स:
- RSI: 50 के ऊपर चला गया है और बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहा है → मोमेंटम मजबूत हो रहा है।
- India VIX: इस हफ्ते करीब 25% की गिरावट के साथ 19 के स्तर के करीब पहुंचना बुल्स के लिए बहुत बड़ा राहत संकेत है। कम वोलैटिलिटी आमतौर पर तेजी को बढ़ावा देती है।
- 200 SMA: निफ्टी इसके ऊपर बना हुआ है, जो लॉन्गर टर्म बुलिश ट्रेंड की पुष्टि करता है।
मैक्रो और सेंटिमेंट फैक्टर्स
- कच्चे तेल में नरमी और मिडिल ईस्ट शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदें (ईरान-US सीजफायर मीटिंग) बाजार को सपोर्ट दे रही हैं। ग्लोबल इक्विटी में आई तेजी का भी पॉजिटिव असर पड़ा है।
- बैंकिंग, ऑटो और रियल्टी जैसे सेक्टरों में जबरदस्त खरीदारी ने पूरे सेशन में जोश बनाए रखा।
- वीकेंड फैक्टर: सभी की नजरें ईरान-US सीजफायर मीटिंग (वीकेंड पर) के नतीजों पर टिकी हैं। अगर शांति की दिशा में ठोस प्रगति हुई तो तेल की कीमतें और नरम पड़ सकती हैं, जिससे भारतीय बाजार को अतिरिक्त सपोर्ट मिलेगा। उल्टा, अगर कोई नकारात्मक सरप्राइज आया तो शॉर्ट टर्म करेक्शन संभव है।
ट्रेडर्स/निवेशकों के लिए व्यावहारिक सुझाव:
बाजार का रुझान शॉर्ट टर्म में पॉजिटिव बना हुआ है। बुल्स ने कंट्रोल हासिल कर लिया है और गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अभी भी अच्छा काम कर रही है।
- खरीदारी की रणनीति: डिप्स (23,800-23,900) पर खरीदारी अभी भी आकर्षक लग रही है, खासकर बैंकिंग, ऑटो, रियल्टी और कैपिटल गुड्स जैसे मजबूत सेक्टरों में।
- रेजिस्टेंस पर सतर्कता: 24,100-24,200 के आसपास प्रॉफिट बुकिंग या हेजिंग की जा सकती है। अगर यह जोन क्रॉस हो जाए तो 24,300-24,500 तक टारगेट रखा जा सकता है।
- रिस्क मैनेजमेंट: 23,800 के नीचे क्लोजिंग पर सावधानी बरतें — पोजीशन कम करें या स्टॉप-लॉस लगाएं।
- Holistic Approach: “Buy on Dips” अभी भी मुख्य रणनीति रहनी चाहिए, लेकिन वीकेंड ग्लोबल/जियो-पॉलिटिकल संकेतों पर नजर रखें। वोलैटिलिटी कम होने से शॉर्ट टर्म ट्रेड्स में अच्छा मोमेंटम मिल सकता है।
बैंक निफ्टी का आउटलुक
बैंक निफ्टी के वीकली चार्ट पर मजबूत बुलिश कैंडलस्टिक बनी है। इंडेक्स 200 SMA के आसपास घूम रहा है। मोमेंटम इंडिकेटर्स बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहे हैं।
तत्काल रेजिस्टेंस: 56,200 (38.2% फिबोनाची लेवल)
सपोर्ट: 55,300
इंडेक्स 57,000 के आसपास 50-डे SMA को टेस्ट कर सकता है।
आगे क्या?
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार का रुझान कुल मिलाकर पॉजिटिव बना हुआ है। गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अभी भी कारगर साबित हो रही है। हालांकि, 24,100-24,200 के रेजिस्टेंस जोन के पास बाजार का बर्ताव और वीकेंड पर ईरान-US सीजफायर मीटिंग के नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वैश्विक संकेतों पर भी नजर रखनी होगी।
निवेशकों को सलाह: शॉर्ट टर्म में सतर्क रहते हुए 'Buy on Dips' की रणनीति अपनाई जा सकती है, लेकिन रेजिस्टेंस स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग की संभावना को भी ध्यान में रखें।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट विभिन्न ब्रोकरेज हाउसों के विश्लेषकों के बयानों पर आधारित है। बाजार निवेश जोखिमपूर्ण है, कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
