मजदूर यूनियन ने उठाया सफाई का बीड़ा
धनबाद। वार्ड 46 के गोलकड़ी बांधधौड़ा तालाब में जलकुंभी और कचरे के अंबार को लेकर स्थानीय महिलाओं में भारी आक्रोश है। लंबे समय से तालाब की बदहाली पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के पास गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर महिलाएं अब खुद मोर्चा संभाल रही हैं। झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन ने महिलाओं की गुहार पर तालाब की सफाई शुरू कर दी है।
धनबाद। वार्ड 46 के गोलकड़ी बांधधौड़ा तालाब में जलकुंभी और कचरे के अंबार को लेकर स्थानीय महिलाओं में भारी आक्रोश है। लंबे समय से तालाब की बदहाली पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के पास गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर महिलाएं अब खुद मोर्चा संभाल रही हैं। झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन ने महिलाओं की गुहार पर तालाब की सफाई शुरू कर दी है।
स्थानीय महिलाओं ने बताया कि गोलकड़ी क्षेत्र में पहले केवड़ा तालाब और 6 नंबर तालाब को बीसीसीएल ने ओबी (ओवरबर्डन) डालकर बंद कर दिया था। अब केवल यही एक तालाब बचा है, जहां क्षेत्र की लगभग 10 हजार आबादी छठ पूजा, नहाने-धोने और अन्य कामों के लिए निर्भर है। तालाब में खाद का पानी जमा होने के साथ कचरा और घनी जलकुंभी फैलने से पानी पूरी तरह दूषित हो गया है। महिलाओं ने कहा कि इस गंदे पानी में नहाने से शरीर में तरह-तरह के इंफेक्शन हो रहे हैं।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नवनिर्वाचित पार्षद से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंत में वे झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के पास पहुंचीं, जिसके बाद सफाई कार्य शुरू हुआ। महिलाओं ने पूर्व विधायक प्रतिनिधि पर हर घर नल जल योजना के तहत बांधधौड़ा और जगधौड़ा में पाइप बिछाने के नाम पर पैसे लेने का भी आरोप लगाया।
झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष उमाशंकर चौहान ने कहा, “पूरे गोलकड़ी एरिया में यही एक मात्र तालाब बचा है। स्थानीय लोगों ने लिखित आवेदन देकर गुहार लगाई, तब हमने क्वालिटी वाले मजदूरों के साथ तालाब की सफाई शुरू की है। यह तालाब और नाली सफाई का काम जनप्रतिनिधियों व नगर निगम का दायित्व है, लेकिन सभी की आंखों पर परदा पड़ा हुआ है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते तालाब साफ नहीं किया गया तो बरसात में जहरिया-बलियापुर मुख्य मार्ग, जयरामपुर मोड़, गोलकड़ी, बांधधौड़ा समेत कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन जाएगी, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे, ड्यूटी पर जाने वाले लोग और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
तालाब के निकासी द्वार पर आउटसोर्सिंग के जरिए ओबी गिराए जाने से पानी का बहाव रुक गया है, जो गंदगी बढ़ने का प्रमुख कारण है।
नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की इस मुद्दे पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
