हजारीबाग। बरही थाना क्षेत्र में बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में 24 अप्रैल 2026 को हुई दिनदहाड़े लूट की घटना का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में तीन अपराधियों को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से गिरफ्तार किया गया है। लेकिन यह घटना झारखंड में बैंक लूट की लगातार बढ़ रही घटनाओं की एक कड़ी मात्र है।
24 अप्रैल को चार हथियारबंद अपराधियों ने बैंक कर्मियों को बंधक बनाकर 4.22 लाख रुपये नकद और 3.987 किलोग्राम सोना लूट लिया था। पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के नेतृत्व में गठित SIT ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वाराणसी में छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 912 ग्राम पिघला सोना, 20 लाख रुपये नकद और लूट में इस्तेमाल स्कॉर्पियो वाहन बरामद हुआ है। फरार अन्य अपराधियों की तलाश जारी है।
पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने कहा_
“बरही मामले में तेज कार्रवाई से हमने संदेश दिया है कि अपराधी कितने भी दूर भाग जाएं, उन्हें पकड़ा जाएगा। अन्य पुराने मामलों की जांच भी तेज गति से चल रही है।”
झारखंड में अन्य हालिया बैंक लूट के मामले
- मधुपुर एचडीएफसी बैंक लूट (सितंबर 2025, देवघर): हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े 1.64 करोड़ रुपये नकद और 2.2 किलोग्राम सोना लूटा। पुलिस ने बाद में बिहार से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- पूर्वी सिंहभूम बैंक लूट (मार्च 2026): एक राष्ट्रीयकृत बैंक से 13 लाख रुपये नकद लूटे गए। वारदात में छह मास्क्ड अपराधी शामिल थे।
- बड़बिल बैंक लूट (जनवरी 2026): बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में हुई लूट के मामले में झारखंड (धनबाद) से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
चिंता: बढ़ती बैंक लूट के मामले
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, झारखंड में बैंक लूट की घटनाओं में अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय हैं। अपराधी मुख्य रूप से सोने के आभूषण (ग्राहकों द्वारा जमा) को निशाना बनाते हैं, क्योंकि इसे आसानी से पिघलाकर बेचा जा सकता है। ज्यादातर लूट दिन के समय और कम सुरक्षा वाले इलाकों में हो रही है।
पुलिस महानिदेशालय स्तर पर सभी बैंकों को सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड और अलार्म सिस्टम को अनिवार्य बनाया गया है।
झारखंड में बैंक लूट की इन घटनाओं ने बैंकिंग क्षेत्र और आम जनता दोनों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन अब सभी जिलों में बैंक सुरक्षा की समीक्षा कर रहा है।
