चुनाव से पहले कल्यानेश्वरी-मैथन डैम चेकपोस्ट पर 2.41 करोड़ की अवैध लॉटरी जब्त, सिंडिकेट का भंडाफोड़

चुनाव से पहले कल्यानेश्वरी-मैथन डैम चेकपोस्ट पर 2.41 करोड़ की अवैध लॉटरी जब्त, सिंडिकेट का भंडाफोड़

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आसनसोल/निरसा । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण (23 अप्रैल) से ठीक पहले आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट और चुनाव आयोग की संयुक्त टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। सालानपुर थाना अंतर्गत कल्यानेश्वरी (मैथन डैम) नाका चेकपोस्ट पर शनिवार को छापेमारी के दौरान झारखंड से आ रही मिनी बस से 2 करोड़ 41 लाख 20 हजार रुपये कीमत की अवैध ‘डियर’ लॉटरी बरामद की गई।

बस की तलाशी में खुला राज
झारखंड के मैथन (कालीपहाड़ी) से आसनसोल की ओर जा रही मिनी बस (नंबर WB37C5476, ‘कृपामय’) को संदिग्ध गति पर रोका गया। सघन तलाशी के दौरान बस से 9 पेटियों में रखे 1108 बंडल अवैध लॉटरी टिकट बरामद हुए। हर बंडल में 500 टिकट थे। पुलिस के अनुसार यह खेप आसनसोल पहुंचाकर सिउड़ी (बीरभूम) जाने वाली बस में ट्रांसफर करने की योजना थी।

अंतर्राज्यीय लॉटरी सिंडिकेट का भंडाफोड़
जांच में बड़ा अंतर्राज्यीय सिंडिकेट सामने आया है। लॉटरी की छपाई और संचालन झारखंड के मैथन-निरसा क्षेत्र से हो रहा था।  
मुख्य आरोपी:
- मशरूल अंसारी  
- दयामय कुम्हाकार  

आसनसोल में रिसीवर: पोलटू सिंह  
वितरण नेटवर्क: जामुड़िया, रानीगंज और दुर्गापुर के विभिन्न डीलरों तक लॉटरी पहुंचाई जाती थी।  

बस कंडक्टर के मोबाइल पर मिले एक संदिग्ध नंबर को ट्रूकॉलर पर रोहित तिवारी के नाम से ट्रेस किया गया है।

राजस्व को करोड़ों का नुकसान
पश्चिम बंगाल में ‘डियर’ लॉटरी वैध है और सरकार को अच्छा राजस्व देती है। लेकिन ये अवैध डुप्लीकेट टिकट न सिर्फ जनता के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि राज्य के खजाने को भी करोड़ों का चूना लगा रहे हैं।

पत्रकारों के साथ विवाद
पुलिस की इस बड़ी सफलता की तारीफ के साथ एक विवाद भी सामने आया। जब मीडिया कर्मी बरामदगी की तस्वीरें लेने पहुंचे तो चेकपोस्ट पर तैनात एक एसआई ने उन्हें रोक दिया और कहा, “पहले अनुमति लेकर आइए।” इस अड़ियल रवैये पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

चुनावी कोण: लॉटरी बनी ‘इलेक्टोरल बॉन्ड’?
जानकारों का मानना है कि चुनाव के दौरान इस अवैध लॉटरी का इस्तेमाल पेमेंट के रूप में भी किया जा सकता था। टिकटों को भुगतान के बदले दिया जाता और बाद में कैश करवाया जा सकता था। चुनाव आयोग अब इस पहलू से भी मामले की गहन जांच कर रहा है।
“मुझे कुछ नहीं पता था साब। मैं तो बस चला रहा था। मालिक ने सिर्फ इतना कहा था कि आसनसोल तक सामान छोड़ देना है। अंदर क्या था, ये मुझे नहीं मालूम।”
_राजू महतो, बस कंडक्टर

पुलिस ने बस, बरामद लॉटरी और कंडक्टर को हिरासत में लेकर मामले की आगे जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने झारखंड-बंगाल सीमा पर सक्रिय अवैध लॉटरी सिंडिकेट की पोल खोल दी है।

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