गोंदलपुरा में अडानी को तगड़ा झटका! ‘अधिकार दिवस’ पर यशवंत सिन्हा ने किया ऐलान — “आज से मैं भी इस जनआंदोलन का हिस्सा हूँ”, तीन वर्ष का लगातार धरना पूरा: फर्जी ग्राम सभा, मृतकों के सिग्नेचर और 369 मुकदमों का जाल अब राष्ट्रीय कैनवस पर..

गोंदलपुरा में अडानी को तगड़ा झटका! ‘अधिकार दिवस’ पर यशवंत सिन्हा ने किया ऐलान — “आज से मैं भी इस जनआंदोलन का हिस्सा हूँ”, तीन वर्ष का लगातार धरना पूरा: फर्जी ग्राम सभा, मृतकों के सिग्नेचर और 369 मुकदमों का जाल अब राष्ट्रीय कैनवस पर..

Village LINE
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हजारीबाग (झारखंड) । 12 अप्रैल यानि आज का दिन बड़कागांव प्रखंड के गोंदलपुरा पंचायत में कर्णपुरा बचाओ संघर्ष समिति का तीन वर्ष पुराना ननस्टाॅप धरना ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गया है। 12 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ यह संघर्ष आज ठीक तीन वर्ष पूरे कर रहा है। आंधी-पानी-लू और प्रशासनिक दमन झेलते हुए ग्रामीणों ने जल-जंगल-जमीन-खनिज बचाने के लिए भगीरथ प्रयास में कभी धरना नहीं तोड़ा।

इस अवसर पर समिति ने ‘अधिकार दिवस’ मनाया और इस कार्यक्रम को देशव्यापी महत्व दे दिया जब भारत के पूर्व केंद्रीय वित्त एवं विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा और उनकी पत्नी नीलिमा सिन्हा कार्यक्रम में शामिल हुए।

यशवंत सिन्हा का ऐतिहासिक संबोधन
मंच पर खड़े होकर यशवंत सिन्हा ने सबसे पहले स्थानीय किसानों-आदिवासियों के अदम्य साहस को नमन किया। उन्होंने कहा,  
“बड़कागांव और केरेडारी प्रखंड की जनता जिस दृढ़ता से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है, वह सराहनीय है। मैं आज घोषणा करता हूँ कि आज से मैं स्वयं इस जनआंदोलन का हिस्सा बन रहा हूँ। इस संघर्ष में जिस प्रकार की भी सहायता की जरूरत होगी, मैं सदैव जनता के साथ खड़ा रहूँगा।”

नीलिमा सिन्हा ने भी ग्रामीणों की एकजुटता की सराहना की और कहा,  
“ग्रामीणों की अपेक्षाओं और अधिकारों की रक्षा के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे।”

ग्रामीणों की चीख: पूरा इलाका खतरे में!
स्थानीय लोगों ने यशवंत सिन्हा के सामने अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने बताया कि बड़कागांव विधानसभा के बड़कागांव और केरेडारी प्रखंड के लगभग पूरे गांव को कोयला खनन के लिए अडानी समूह और एनटीपीसी को आवंटित कर दिया गया है। 

ग्रामीणों का कहना है —  
“यदि यह प्रक्रिया नहीं रुकी तो बड़कागांव और केरेडारी प्रखंड का वजूद ही समाप्त हो जाएगा।”  
उन्होंने यशवंत सिन्हा से अपील की कि वे जनता की आवाज बनकर सरकार तक उनकी समस्याएं पहुंचाएं।

3 सालों का अनवरत संघर्ष और दलाल नेटवर्क का खुलासा!
12 अप्रैल 2023 से शुरू यह सतत धरना अब राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गया है। Village LINE की तहकीकात ने पहले ही उजागर किया था कि गोंदलपुरा (अडानी) के अलावा पकरी-बरवाडीह (NTPC) और हसदेव अरण्य (अडानी) में भी एक ही पैटर्न चल रहा है — फर्जी ग्राम सभा, मृत व्यक्तियों के सिग्नेचर, भाड़े के लोग (₹2000 प्रति व्यक्ति), ₹10,000 मासिक सैलरी वाले लोकल ब्रोकर्स और विरोधियों पर 369 फर्जी मुकदमे।

यह नेटवर्क सिर्फ गोंदलपुरा तक सीमित नहीं। कोलगेट घोटाले (₹1.86 लाख करोड़), ED की 2025-26 की झारखंड-बंगाल रेड (₹2742 करोड़ अवैध खनन), कोरबा का ₹2100 करोड़ स्टॉक घोटाला, ओडिशा माइनिंग स्कैम (₹59,000 करोड़+) — सभी में यही दलाल-कंपनी-प्रशासन त्रिकोण सक्रिय है।

आज का दिन ऐतिहासिक क्यों?
यशवंत सिन्हा जैसे राष्ट्रीय नेता का आंदोलन में शामिल होना न सिर्फ गोंदलपुरा के धरनाकर्ताओं के लिए बल्कि पूरे कर्णपुरा घाटी और हसदेव अरण्य के संघर्ष के लिए नया बल है। तीन वर्ष तक प्राकृतिक दमन (आंधी, पानी, शीतलहर, लू) और प्रशासनिक दमन झेलने के बाद ग्रामीणों को लगा है कि अब उनकी आवाज दिल्ली तक पहुंचेगी।

समिति के कार्यकर्ता भावुक होकर कह रहे हैं —  
“हमने तीन साल अकेले लड़ा, आज यशवंत सिन्हा जी के साथ मिलकर लड़ेंगे।”

तहकीकात जारी है…

क्या यशवंत सिन्हा की सक्रिय भागीदारी कोयला कंपनी माफिया के साम्राज्य को हिला देगी? 
क्या केंद्र और झारखंड सरकार फर्जी ग्राम सभाओं की जांच कराएगी? 
क्या 369 मुकदमे वापस होंगे और बड़कागांव-केरेडारी प्रखंड बच जाएगा?

आज गोंदलपुरा नहीं, पूरा झारखंड बोल रहा है — “जमीन हमारी, खनन नहीं चलेगा!”

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