इलाज के दौरान मौत
दोषियों की जल्द गिरफ्तारी व परिवार को सुरक्षा देने की मांग
पुलिस- अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे
घटना स्थल से ५ खोखा जब्त
बाघमारा (धनबाद) । इलाके में अपराधियों का मनोबल एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। मात्र दो दिन पहले १५ अप्रैल की रात कोयला व्यवसायी मनीष सिंह को गोली मारी गई थी। अब १७ अप्रैल की रात को फिर से एक गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
सोनारडीह ओपी के समीप रहने वाले शुभम यादव (मेयर समर्थक व जनता मजदूर संघ के सदस्य) को उनके घर में घुसकर अपराधियों ने तीन गोली मार दी। दो गोली छाती में और एक गोली सिर में लगी। घटना के समय शुभम अपनी दादी के साथ घर में थे। अचानक दो अपराधी घर के अंदर घुसे और फायरिंग कर फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर दादी और आस-पड़ोस के लोग दौड़कर आए। घायल शुभम को तुरंत कतरास के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर असरफी अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान शुभम यादव की मौत हो गई।
इससे पहले घटना की सूचना मिलते ही धनबाद नगर निगम के मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल शुभम से मुलाकात की। उनके साथ दर्जनों समर्थक भी अस्पताल पहुंच गए। ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी और सिटी एसपी भी मौके पर पहुंचे।
मेयर संजीव सिंह ने ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी और सिटी एसपी से बात की और मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा,
“शुभम यादव को जानबूझकर निशाना बनाया गया। तीन गोली मारी गई। पुलिस को पता लगाना चाहिए कि किसने और किस कारण से हत्या की। साथ ही परिवार के सदस्यों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।”
ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने कहा,
“शुभम यादव को अपराधियों ने तीन गोली मारी थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुभम का आपराधिक इतिहास रहा है। सभी अपराधी जल्द पकड़े जाएंगे।”
मृतक की दादी सरिता देवी ने बताया,
“हम दोनों घर में थे। अचानक गोली की आवाज आई। मैं दौड़कर पहुंची तो अपराधी भाग चुके थे। शुभम के सिर में गोली लगी थी। सबकी मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। मैं किसी को नहीं देख पाई।”
पुलिस ने घटना स्थल से ५ खोखा (खाली कारतूस) जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है। अपराधियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है।
मात्र बीते ४८ घंटे के अंदर दो बड़ी गोलीबारी की घटनाओं ने पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- १५ अप्रैल २०२६ (रात): कोयला व्यवसायी मनीष सिंह को गोली मारी गई।
- १७ अप्रैल २०२६ (रात): बाघमारा थाना क्षेत्र के सोनारडीह ओपी के पास शुभम यादव (मेयर संजीव सिंह के समर्थक व जनता मजदूर संघ के सदस्य) को उनके घर में घुसकर तीन गोली मारी गई।
दोनों घटनाएं बाघमारा इलाके से जुड़ी हैं और अंतराल बेहद कम है।
दोनों मामलों में अपराधी सीधे घर या सार्वजनिक जगह पर हमला कर फरार हुए। यह “टारगेटेड किलिंग” को बतलाता है।
शुभम यादव का आपराधिक बैकग्राउंड: ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने कहा कि शुभम का आपराधिक इतिहास रहा है। फिर भी वह मेयर के समर्थक थे, जो राजनीतिक-सामाजिक आयाम जोड़ता है।
अपराधी गिरोहों का बढ़ता मनोबल धनबाद में कोयला व्यापार, भूमि विवाद और ठेकेदारी से जुड़े आपराधिक नेटवर्क पहले से सक्रिय हैं। दो दिनों में दो घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अपराधी पुलिस की कार्रवाई से अब डर नहीं रहे।
राजनीतिक टारगेटिंग ?
शुभम यादव मेयर संजीव सिंह के समर्थक थे। यदि यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का नतीजा है, तो यह धनबाद नगर निगम में राजनीतिक वर्चस्व की होड़ और तनाव की तरफ इशारा करता है।
कानून-व्यवस्था का खस्ताहाल
बाघमारा-कतरास-बागमारा क्षेत्र पहले भी गोलीबारी और अपराध के लिए बदनाम रहा है। बार-बार घर में घुसकर हमला होना यह साबित करता है कि स्थानीय पुलिस की निगरानी और खुफिया तंत्र में कमी है।
साथ ही आम आदमी की सुरक्षा पर बेहद ही गंभीर सवालिया निशान भी है।
धनबाद में हाल की ये गोलीबारी घटनाएं सिर्फ दो अलग-अलग अपराध नहीं हैं — ये पूरे जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल हैं। अगर पुलिस और प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए तो यह सिलसिला और बढ़ सकता है।
