नई दिल्ली/तेहरान/वॉशिंगटन । ईरान और अमेरिका के बीच जारी अस्थाई संघर्षविराम (ceasefire) टूटने की कगार पर है। ईरान की सेना ने शनिवार को घोषणा की कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'हॉर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर प्रतिबंध फिर से लागू किए जा रहे हैं। ईरान ने इसके लिए अमेरिका द्वारा किए गए "विश्वास के बार-बार उल्लंघन" को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले होर्मुज खुला होने की बात कही थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि सशस्त्र बल अब जहाजों की आवाजाही की "पूर्ण निगरानी" करेंगे। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज को बंद ही रखा जाएगा।
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी तब तक बनी रहेगी जब तक कि तेहरान के साथ कोई पूर्ण समझौता नहीं हो जाता।
जहाजों की आवाजाही_
'मरीन ट्रैफिक' के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह चार टैंकरों ने पूर्व की ओर जलडमरूमध्य को पार किया। इनमें से दो टैंकर (रेन और गार्जियन) अमेरिकी ट्रेजरी (OFAC) की प्रतिबंध सूची में हैं और माना जा रहा है कि ये ईरान के 'डार्क फ्लीट' का हिस्सा हैं।
आगामी बातचीत पर संकट गहराया_
पिछले सप्ताहांत इस्लामाबाद में हुई बातचीत विफल होने के बाद, अब सोमवार को दोनों देशों के बीच फिर से बातचीत होने की संभावना है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रम्प ने संकेत दिया है कि यदि वार्ता विफल रहती है, तो वह संघर्षविराम को आगे नहीं बढ़ाएंगे।
'यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान' के सलाहकार चार्ली ब्राउन के अनुसार, इस नाकेबंदी का असली परीक्षण अगले 10 दिनों में होगा। यदि चीन जाने वाले ईरानी तेल टैंकरों की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बाधित होती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
लेबनान अपडेट_
इस बीच, इजरायली सैन्य अधिकारियों ने लेबनान के 55 कब्जे वाले गांवों में निवासियों की वापसी पर रोक लगाने के लिए "येलो लाइन" (Yellow Line) लागू करने की घोषणा की है, जिससे क्षेत्र में विस्थापितों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
