वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के सीजफायर की घोषणा करने के कुछ ही देर बाद खाड़ी क्षेत्र और इजरायल में मिसाइल हमलों की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमले रोक दिए हैं, लेकिन इजरायली सेना अभी भी हमले जारी रखे हुए है।
ट्रम्प ने मंगलवार को घोषणा की कि अमेरिका ईरान पर हमले दो हफ्ते के लिए स्थगित कर रहा है, बशर्ते ईरान हार्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत, पूर्ण रूप से और सुरक्षित रूप से फिर से खोल दे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर हमले रुक जाते हैं तो ईरान सीजफायर की शर्तों को स्वीकार करता है और उसके सैन्य बल हार्मुज से गुजरने वाले जहाजों के समन्वय का प्रबंध करेंगे।
ट्रम्प ने हार्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना सीजफायर डील की मुख्य शर्त बताया। इस घोषणा से पहले ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो ईरान के पुलों और पावर प्लांट्स समेत महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर दिया जाएगा।
पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस सीजफायर का स्वागत करते हुए दोनों देशों (ईरान और अमेरिका) के प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को इस्लामाबाद में बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। पाकिस्तान ने पहले मंगलवार को ही दो सप्ताह के सीजफायर का प्रस्ताव दिया था ताकि कूटनीतिक वार्ता के लिए रास्ता साफ हो सके।
शरीफ ने कहा कि सीजफायर तत्काल प्रभावी है और इसमें लेबनान सहित अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं। उन्होंने दोनों पक्षों की "बुद्धिमत्ता" की सराहना की और उम्मीद जताई कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत से सभी विवादों का स्थायी समाधान निकलेगा।
क्षेत्र में तनाव बरकरार
सीजफायर की घोषणा के बावजूद क्षेत्र में तनाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें इजरायल ने इंटरसेप्ट कर लिया। इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने पुष्टि की कि इजरायल ईरान पर हमले जारी रखे हुए है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका ने हमले रोक दिए हैं, लेकिन इजरायल अभी भी कार्रवाई कर रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह दो सप्ताह का सीजफायर कूटनीति के लिए एक अस्थायी राहत है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है, क्योंकि हार्मुज जलडमरूमध्य (जिससे दुनिया के तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा गुजरता है) के फिर से खुलने की उम्मीद बढ़ गई है।
अगले कुछ दिनों में इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत इस संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। फिलहाल, क्षेत्र में शांति की उम्मीद के साथ-साथ अनिश्चितता भी बनी हुई है।
