गायब पुष्पा की मां रेखा देवी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। पहले कोर्ट ने बोकारो एसपी को सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया था। इसके बाद पीड़ित परिवार के साथ पिंडराजोरा थाना प्रभारी द्वारा कथित मारपीट की शिकायत के बाद कल (मंगलवार) हाईकोर्ट ने डीजीपी तदाशा मिश्रा को वर्चुअल रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया। आज इस मामले में सुनवाई होनी है।
रेखा देवी ने बताया कि 3 अप्रैल को अनुसंधान के नाम पर उनके चाचा ससुर को थाने बुलाया गया और थाना प्रभारी ने उन पर बेरहमी से मारपीट की। बाद में उनका इलाज भी कराया गया। रेखा देवी का आरोप है कि थाना प्रभारी उनके चरित्र पर आपत्तिजनक सवाल उठा रहे हैं, जो मीडिया में रखने लायक भी नहीं है। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी को खोज निकालने के बजाय पुलिस मामले को गलत दिशा में ले जाने का काम कर रही है।”
जिला परिषद उपाध्यक्ष बबीता देवी, जो पीड़ित परिवार का साथ दे रही हैं, ने कहा कि पुलिस अपना काम करने के बजाय परिवार को परेशान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसंधानकर्ता पीड़िता की मां को फोन करके केस वापस लेने तक की धमकी दे रहे हैं। बबीता देवी ने कहा कि एसपी के हाईकोर्ट पहुंचने के बाद से ही परिवार पर यह प्रताड़ना शुरू हुई है, जो पूरी तरह गलत है।
“3 अप्रैल को मेरे चाचा ससुर को थाने बुलाकर थाना प्रभारी ने बेरहमी से पिटाई की। मेरे चरित्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बेटी को ढूंढने के बजाय मामले को उल्टा कर दिया गया है।”
_रेखा देवी (पुष्पा की मां)
“पुलिस पीड़ित परिवार को परेशान कर रही है। एसपी के कोर्ट जाने के बाद से यह प्रताड़ना शुरू हुई है। अनुसंधानकर्ता मां को फोन कर केस खाने की धमकी दे रहे हैं। यह बिल्कुल गलत है।”
_बबीता देवी, जिला परिषद उपाध्यक्ष
बता दें कि पुष्पा कुमारी 21 जुलाई 2025 को घर से बीएस पार्ट-1 में एडमिशन के लिए दस्तावेज ऑनलाइन कराने निकली थी और उसके बाद से लापता है। बोकारो पुलिस ने पहले 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
यह मामला बोकारो में लड़कियों के गायब होने की घटनाओं को लेकर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
