चार श्रम कोड लागू, बावजूद इसके असंगठित मजदूरों की घोर अनदेखी !

चार श्रम कोड लागू, बावजूद इसके असंगठित मजदूरों की घोर अनदेखी !

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4 श्रम कोड लागू होने के बावजूद असंगठित मजदूरों की अनदेखी 

एटक ने चितरा कोलियरी में निकाली जोरदार रैली
सारठ (देवघर)। विधानसभा क्षेत्र के एसपी माइंस चितरा कोलियरी में एटक महासचिव पशुपति कोल के नेतृत्व में सैकड़ों असंगठित मजदूरों ने चार श्रम संहिताओं के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग को लेकर रैली निकाली। 
1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू चार श्रम संहिताओं (वेतन संहिता-2019, औद्योगिक संबंध संहिता-2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता-2020) के बावजूद यहां के असंगठित मजदूरों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इन संहिताओं का उद्देश्य 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूरों को न्यूनतम वेतन, 8 घंटे कार्य समय, ओवरटाइम पर दोगुना वेतन, सामाजिक सुरक्षा और पहचान पत्र जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करना है। 

इस अवसर पर एटक महासचिव श्री पशुपति कोल ने कहा, “1 अप्रैल से चार श्रम संहिताएं लागू हो चुकी हैं, लेकिन चितरा एसपी माइंस कोलियरी में इनका असंगठित मजदूरों को कोई फायदा नहीं पहुंचा रहा है। वेतन संहिता के अनुसार मजदूरों को कम से कम 26 हजार रुपये मिलने चाहिए, परंतु उन्हें मात्र 12-13 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। साथ ही व्यावसायिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के विपरीत मजदूरों से 12 घंटे काम लिया जा रहा है। प्रबंधन द्वारा इन मजदूरों को पहचान पत्र या नियुक्ति पत्र तक नहीं दिया जा रहा है, जिससे उनकी मेहनत का सही वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलने में भारी दिक्कत हो रही है।”
कोल ने कोलियरी महाप्रबंधक को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस ज्वलंत समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 
“हमारी मांग है कि चार श्रम संहिताओं के तहत असंगठित मजदूरों को उनका हक मिले। प्रबंधन तुरंत पहचान पत्र जारी करे, वेतनमान बढ़ाए और 8 घंटे कार्य सीमा लागू करे, वरना आंदोलन अपरिहार्य होगा।”  
— पशुपति कोल, महासचिव, एटक

Village LINE live इस मामले की निगरानी कर रहा है। कोलियरी प्रबंधन और जिला प्रशासन से जवाब मांगा जा रहा है कि क्या कारण है कि केंद्र सरकार की नई श्रम संहिताएं कोयला खदान के मजदूरों तक अभी तक नहीं पहुंच पाई हैं?

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