देवघर । उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में विपत्रों (वाउचर) की निकासी से पहले आवश्यक सावधानियों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तरीय, प्रखंड स्तरीय तथा पुलिस विभाग के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी विपत्र की निकासी से पहले उसकी बारीकी से जांच अनिवार्य रूप से की जाए। इससे तकनीकी या प्रक्रियात्मक किसी भी त्रुटि को रोका जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय पारदर्शिता और नियमों का शत-प्रतिशत पालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी वित्तीय नियमावली के प्रावधानों का अक्षरशः अनुपालन करें तथा निकासी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखें। साथ ही कार्यों के समय-सीमा के भीतर निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने सख्त चेतावनी भी जारी की। उन्होंने कहा कि यदि विपत्रों की निकासी में किसी प्रकार की लापरवाही, त्रुटि या वित्तीय अनियमितता पाई गई तो संबंधित पदाधिकारी की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
“वित्तीय पारदर्शिता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विपत्र निकासी में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी नियमों का सख्ती से पालन करें और डिजिटल सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।”
— नमन प्रियेश लकड़ा, उपायुक्त, देवघर
इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान तथा PFMS पोर्टल के उपयोग के दौरान डिजिटल सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया। उपायुक्त ने साफ निर्देश दिया कि OTP (One Time Password) किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा न किया जाए तथा डिजिटल माध्यमों का उपयोग पूरी सावधानी के साथ किया जाए।
बैठक में कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन, ग्रेच्युटी आदि बकाया दावों के शीघ्र निष्पादन में सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
अंत में उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने का निर्देश दिया।
