धरना प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने नालंदा के जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की तथा उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पीड़िता को शीघ्र न्याय प्रदान करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई।
प्रदर्शन में प्रजापति समाज के साथ-साथ अतिपिछड़ा समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। प्रजापति समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
जिला अध्यक्ष सुबोध पंडित ने कहा, “इस तरह के जघन्य अपराध करने वाले दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार का अपराध करने की हिम्मत न कर सके।”
जिला सचिव संजीव कुमार बिट्टू ने कहा कि पूरे बिहार में अतिपिछड़ा समाज पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि “हमारी समाज की बेटी के साथ जो अपराध हुआ है, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, कोई दोषी बचना नहीं चाहिए और अपराधी फंसना चाहिए।”
समाजसेवी प्रवेश कुमार ने सरकार से मांग की कि मामले में स्पीड ट्रायल चलाकर एक महीने के अंदर दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।
इस मौके पर युवा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश कुमार, प्रदुवन कुमार, नंदकिशोर पंडित, राजद नेता उमेश पंडित, प्रमोद पंडित, सुजीत कुमार, कांग्रेस नेता शशी पंडित, रंजीत पंडित, भाजपा नेत्री शीला पंडित, जदयू नेता जनार्दन पंडित, अतिपिछड़ा नेता अवधेश पंडित, दिलीप मंडल, रंजीत शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, गोरख ठाकुर, रामप्रीत चौहान, कुमारी सरोज सिन्हा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से आश्वासन लिया कि पीड़िता को न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
